भूमि संसाधन विभाग डीआईएलआरएमपी 3.0 के लिए दिशानिर्देश जारी करेगा। भूमि अभिलेखों के डिजिटल सुधार के लिए ₹565.50 करोड़ की घोषणा
ग्रामीण विकास मंत्रालय के भूमि संसाधन विभाग ने डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम (डीआईएलआरएमपी) 3.0 (2026-2031) के दिशानिर्देश जारी करने की घोषणा की है। यह एक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसका अनुमानित परिव्यय ₹565.50 करोड़ है और इसे सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाएगा। इसके तहत जीआईएस-सक्षम 'लैंड स्टैक' बनाया जाएगा और प्रत्येक भूखंड को 14 अंकों की विशिष्ट भू-आधार (यूएलपीआईएन) पहचान संख्या दी जाएगी।
नब्का इनसाइट
भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की केंद्रीय योजना योजना व शासन के प्रश्नों में आती है।
Powered by AIमुख्य तथ्य
- डीआईएलआरएमपी 3.0 अवधि: 2026-2031
- अनुमानित परिव्यय: ₹565.50 करोड़ (केंद्रीय क्षेत्र योजना)
- मंत्रालय: ग्रामीण विकास (भूमि संसाधन विभाग)
- भू-आधार (यूएलपीआईएन): 14 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या
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