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भारत-मर्कोसुर ने इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाणपत्र पर प्रथम अतिरिक्त प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए

भारत और मर्कोसुर ने तरजीही व्यापार समझौते के प्रथम अतिरिक्त प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए, जिससे इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाणपत्रों की स्वीकार्यता आसान होगी और कागज रहित व्यापार तथा सीमा शुल्क प्रक्रियाओं का आधुनिकीकरण होगा। भारत की ओर से वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। भारत-मर्कोसुर पीटीए पर 25 जनवरी 2004 को हस्ताक्षर हुए थे और यह 1 जून 2009 से लागू हुआ।

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पेपरलेस व्यापार और सीमा शुल्क आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।

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मुख्य तथ्य

  • भारत की ओर से वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए
  • प्रोटोकॉल का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाणपत्रों की स्वीकार्यता
  • पीटीए पर 25 जनवरी 2004 को हस्ताक्षर, 1 जून 2009 से लागू
  • भारत ने 450 और मर्कोसुर ने 452 टैरिफ लाइनों पर तरजीह दी

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