Ethanol : एथनॉल बनाने के लिए सरकार ने बेचा 63 लाख टन चावल, कच्चे तेल के मुकाबले यह सस्ता पड़ता या महंगा
सरकार ने राज्यसभा में बताया कि पिछले वित्त वर्ष में लगभग 63 लाख टन चावल एथनॉल उत्पादन के लिए भेजा गया। यह कदम एथनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम के तहत उठाया गया, जिसका उद्देश्य पेट्रोल में एथनॉल मिलाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना है। सरकार चावल से एथनॉल उत्पादन की लागत का आकलन भी कर रही है।
नब्का इनसाइट
खाद्यान्न से एथनॉल और सम्मिश्रण नीति अर्थव्यवस्था खंड में पूछी जाती है।
Powered by AIमुख्य तथ्य
- पिछले वित्त वर्ष ~63 लाख टन चावल एथनॉल हेतु भेजा गया।
- जानकारी राज्यसभा में दी गई।
- एथनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम से संबंधित।
पृष्ठभूमि
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